भारत vs चीन या मोदी vs विपक्ष
बिरोध में देश की आंतरिक सुरक्षा का महत्व : भारत vs चीन या मोदी vs विपक्ष
भारत और चीन की वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक है। दोनों देश अपनी शब्द की चरम सीमा पर है ऐसी स्थिति में युद्ध एक विनाशकारी रूप ले सकता है। वर्तमान स्थिति में युद्ध का अलग भी रूप लिया जा सकता है जैसे किसी देश की चीजों का बहिष्कार कर देना, उस देश से व्यापारिक संबंध खत्म कर देना, राजनीतिक एवं रणनीतिक तथा कूटनीतिक दृष्टि से अलग-थलग करना आदि चीजों पर ध्यान दिया जाए तो युद्ध से अधिक प्रभावशाली साबित हो सकता है। इसलिए युद्ध के पहले अन्य उपायों पर सूचना बेहद जरूरी है
वर्तमान में चीन बेहद निराशाजनक व्यवहार भारत के साथ कर रहा है ऐसे में भारत के आंतरिक बड़े-बड़े मंत्री नेता यदि भारत सरकार का हिसाब ना देकर उसी पर सवाल उठाते रहेंगे तो भारत की आंतरिक सुरक्षा को और भी खतरा रहेगा। अपने ही देश के चीजों का विरोध करना उस देश की कमजोरी को दर्शाता है। इस समय स्थिति भारत और चीन के बीच ज्यादा तनाव को नहीं लगती अपितु मोदी और विपक्ष में लगता है।
विपक्ष इससे पहले भी भारत सरकार पर कई सवाल उठा चुकी है। उचित समय आने पर भारत सरकार ने उसे पूरा जवाब भी दिया है। उम्मीद करते हैं इस बार भी भारत सरकार सही और सटीक जवाब विपक्ष को देगी किंतु इस बात का ध्यान विपक्ष को जरूर रखना चाहिए कि उसके विरोध से भारत की आंतरिक सुरक्षा को और खतरा पैदा होता है।
लेखन: शुभम पांडेय

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