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क्या है भारत और नेपाल का कालापानी विवाद?

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भारत और नेपाल के बीच एक बार फिर से 'कालापानी विवाद' का मुद्दा सुर्खियों में है. कालापानी क्षेत्र में पड़ने वाले तीन गांव गंजी, नाबी और कुटी फिलहाल सैलानियों के लिए एक महत्वपूर्ण डेस्टिनेशन के लिए मशहूर हैं. ऊपरी हिमालय पर स्थित इस इलाके के लोगों का जीवन काफी संघर्षों से भरा है. उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में आने वाले जिस कालापानी इलाके पर नेपाल ने अपना दावा किया है. भारत सरकार ने 02 जनवरी 2019 को जोर देकर कहा था कि जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद जारी किए गए भारत के नए राजनीतिक नक्शे में सीमाओं का सही चित्रण किया गया है. भारत सरकार ने कहा था कि नए नक्शे में नेपाल के साथ लगी हमारी सीमा में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है. क्या है विवाद दरअसल पिछले साल 31 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर का विभाजन आदेश लागू होने पर भारत ने नवंबर में अपना नया भू-राजनीतिक नक्शा जारी किया था. नेपाल ने इस नक्शे पर आपत्ति जताई थी। क्या जता रहा है नेपाल? नेपाल का कहना था कि उसके क्षेत्र में होने के बावजूद कालापानी, लिपुलेक तथा लिम्पियाधुरा क्षेत्रों को भारत ने नक्शे में अपना हिस्सा दिखाया है. हालांकि भारत क...

भारत: योग का विश्व गुरु (योग दिवस 2020)

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दुनियाभर में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है. योग के अभ्यास से ना सिर्फ शरीर रोगमुक्त रहता है बल्कि मन को भी शांति मिलती है. हमारी भारतीय संस्कृति का योग अभिन्न हिस्सा रहा है. योग से होने वाले फायदों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए दुनियाभर में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। कोरोनाकाल का योग दिवस: कोरोना वायरस की महामारी ने कई चीजों को प्रभावित किया है। इस बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के जगह-जगह होने वाले आयोजन भी फीके रहेंगे। हर साल 21 जून के दिन बड़े-बड़े आयोजन होते थे।इ बार कोरोना वायरस के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए किसी भी प्रकार का आयोजन नहीं किया जा रहा है। भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने शुरू किया था योग दिवस: प्रधानमंत्री मोदी ने छठे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय योगदिवस का ये दिन एकजुटता का दिन है। ये विश्व बंधुत्व के संदेश का दिन है। पीएम मोदी ने कहा कि बच्चे, बड़े, युवा, परिवार के बुजुर्ग, सभी जब एक साथ योग के माध्यम से जुडते हैं, तो पूरे घर में एक ऊर्जा का संचार होता है.इसलिए, इस बार का यो...

कोरोनाकाल में चिंता का विषय बनी भारतीय शिक्षा व्यवस्था

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आज जिस तरह नई शिक्षा नीति और ऑनलाइन शिक्षा की बात की जा रही है, उसका इससे कोई संबंध नहीं है. उसका संबंध शिक्षा के निजीकरण के मॉडल से है, जिसकी जड़ में बिड़ला-अंबानी कमेटी की रिपोर्ट है।ऐसे  में उसकी ऐतिहासिकता में जाने बिना इसे समझना संभव नहीं। वैसे यह तथ्य भी बहुत मजेदार है कि शिक्षाविदों के द्वारा शिक्षा नीति बनाने की परंपरा जो राधाकृष्णन से चली आ रही थी, उसे खत्मकर बिड़ला-अंबानी जैसे पूंजीपतियों के नेतृत्व में शिक्षा नीति तैयार करने का निर्णय अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार के द्वारा किया गया। सरकारी संस्था है ज्यादा परेशान: पटना के एक सरकारी  इंटर कॉलेज  के प्रिंसिपल कहते हैं, “प्राइवेट स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेज शुरू हो गई हैं। वहां व्यवस्था बेहतर है, शिक्षकों और बच्चों के पास भी सुविधाएं हैं लेकिन सरकारी स्कूलों का स्तर अलग है। हमारे अधिकतर शिक्षक तो पहले से ही हड़ताल पर हैं कब लौटेंगे, पता नहीं। अधिकांश बच्चों के पास भी स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है, ऊपर से कंप्यूटर के शिक्षक स्कूलों में न के बराबर ही मान के चलिए। स्कूलों में ही कंप्यूटर की ठीक व्यवस्था नहीं हैं, घर की तो ब...

भारत vs चीन या मोदी vs विपक्ष

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बिरोध में देश की आंतरिक सुरक्षा का महत्व : भारत vs चीन या मोदी vs विपक्ष भारत और चीन की वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक है। दोनों देश अपनी शब्द की चरम सीमा पर है ऐसी स्थिति में युद्ध एक विनाशकारी रूप ले सकता है। वर्तमान स्थिति में युद्ध का अलग भी रूप लिया जा सकता है जैसे किसी देश की चीजों का बहिष्कार कर देना, उस देश से व्यापारिक संबंध खत्म कर देना, राजनीतिक एवं रणनीतिक तथा कूटनीतिक दृष्टि से अलग-थलग करना आदि चीजों पर ध्यान दिया जाए तो युद्ध से अधिक प्रभावशाली साबित हो सकता है। इसलिए युद्ध के पहले अन्य उपायों पर सूचना बेहद जरूरी है वर्तमान में चीन बेहद निराशाजनक व्यवहार भारत के साथ कर रहा है ऐसे में भारत के आंतरिक बड़े-बड़े मंत्री नेता यदि भारत सरकार का हिसाब ना देकर उसी पर सवाल उठाते रहेंगे तो भारत की आंतरिक सुरक्षा को और भी खतरा रहेगा। अपने ही देश के चीजों का विरोध करना उस देश की कमजोरी को दर्शाता है। इस समय स्थिति भारत और चीन के बीच ज्यादा तनाव को नहीं लगती अपितु मोदी और विपक्ष में लगता है।  विपक्ष इससे पहले भी भारत सरकार पर कई सवाल उठा चुकी है। उचित समय आने पर भारत सरकार ने उसे पूर...